
बिलासपुर: रतनपुर थाने में पदस्थ आरक्षकों ने कुंआजती गांव में कोचिए से शराब पकड़ ली। इसके बाद उससे लेनदेन कर मामले को दबा दिया गया। आरक्षक जब्त शराब को दूसरे कोचिए के पास खपाने के लिए पहुंच गए। कोचिए को शराब बेचने के बाद आरक्षक निकल गए। इधर शराब लेकर जा रहे दो कोचियों को गांव के लोगों ने पकड़ लिया। पूछताछ में पूरे मामले का पर्दाफाश हो गया। इसके बाद मंगलवार की रात पोड़ी गांव में पंचायत बुलाई गई। जहां पर दोनों आरक्षकों ने गांव वालों से माफी मांगी है। यह मामला पूरे गांव में चर्चा का विषय है। इधर मामला सामने आने के बाद एसएसपी रजनेश सिंह ने सख्त रुख अपनाते हुए दोनों आरक्षकों को निलंबित कर दिया गया है।
रतनपुर थाने में पदस्थ आरक्षक संजय खांडे और सुदर्शन मरकाम सोमवार को कुंआजती गांव पहुंचे थे। वहां पर आरक्षकों ने एक शराब कोचिए को 50 लीटर शराब के साथ पकड़ लिया। दोनों आरक्षक शराब जब्त कर कोचिए को थाने ला रहे थे। रास्ते में उन्होंने 40 हजार और शराब लेकर कोचिए को छोड़ दिया। इसके बाद आरक्षकों ने दूसरे कोचिए से संपर्क किया। कोचिए को शराब देकर आरक्षकों ने रुपये लिए। कोचिए को शराब देने के बाद आरक्षक लौट गए। इधर गांव के लोगों ने पोड़ी के जंगल से शराब लेकर जा रहे युवकों को पकड़ लिया।

उन्होंने युवकों से पूछताछ की तो पूरा मामला सामने आ गया। तब गांव के लोगों ने युवकों को पुलिस के हवाले करने की तैयारी कर ली। इसी बीच किसी ने गांव के लाेगों पूरा मामला गांव में ही सुलझा लेने की समझाईश दी। तब मंगलवार की रात गांव में पंचायत बुलाई गई। इसमें गांव के प्रमुख लोगों के साथ सरपंच, उपसरपंच और पंच शामिल हुए। पंचों ने दोनों आरक्षकों को गांव में बुलाया। तब दोनों आरक्षक गांव आने के लिए आनाकानी कर रहे थे। जब गांव के लाेगों ने अधिकारियों के पास शिकायत करने की बात कही तब दोनों आरक्षक गांव पहुंचे। उन्होंने गांव के लोगों से माफी मांगी। इसके बाद गांव के लोगों ने दोनों आरक्षकों इस तरह की हरकत नहीं करने की समझाईश दी थी। इधर दो दिन बाद मामला सामने आ गया। एसएसपी रजनेश सिंह ने इसे गंभीरता से लेते हुए दोनों आरक्षकों निलंबित कर दिया है।