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टाटा सफारी और स्कूटी की भीषण टक्कर में जनपद पंचायत उपाध्यक्ष के पति की मौत, एक गंभीर घायल…

महासमुंद: नेशनल हाईवे 353 पर साराडीह मोड़ के पास आज रात करीब 8 बजे एक भयावह सड़क हादसा हुआ, जिसमें महासमुंद जनपद पंचायत उपाध्यक्ष हुलसी चंद्राकर के पति जितेन्द्र चंद्राकर (46 वर्ष) की मौत हो गई। हादसे में स्कूटी में सवार अशोक साहू गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतक का शव पोस्टमार्टम के लिए मर्च्यूरी में रखवाया गया। हादसा महासमुंद मुख्यालय से लगभग 3 किलोमीटर की दूरी पर हुआ। बेलसोंड़ा निवासी जितेन्द्र चंद्राकर और अशोक साहू स्कूटी से अपने घर लौट रहे थे, तभी साराडीह के पास

महासमुंद की ओर से आ रही टाटा सफारी (CG 04 QH 5836) से उनकी स्कूटी की टक्कर हो गई। गंभीर चोटों के कारण स्थानीय लोगों ने दोनों को एम्बुलेंस से मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने जितेन्द्र चंद्राकर को मृत घोषित कर दिया। वहीं अशोक साहू को गंभीर हालत में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

हादसे की खबर मिलते ही आसपास के ग्रामीणों में गुस्सा फैल गया। उन्होंने मौके पर पहुँचकर टाटा सफारी पर पथराव किया। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए घटना स्थल से टाटा सफारी और स्कूटी को जब्त कर थाने ले आई। टाटा सफारी चला रहे अग्रवाल ने खुद को सिटी कोतवाली पहुंचाकर सरेंडर कर दिया और हादसे की जानकारी पुलिस को दी। घटना की जानकारी मिलते ही जनपद पंचायत उपाध्यक्ष हुलसी चंद्राकर अस्पताल पहुंचीं। पति की मौत की खबर सुनकर वह अचेत होकर गिर पड़ी। इस दौरान बड़ी संख्या में बेलसोंड़ा के ग्रामीण, विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा, नगर पालिका उपाध्यक्ष देवीचंद राठी, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष राशि त्रिभुवन महिलांग सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी अस्पताल पहुंचे।

हुलसी चंद्राकर भाजपा से जनपद पंचायत उपाध्यक्ष हैं और पहले ग्राम पंचायत बेलसोंड़ा से उपसरपंच भी रह चुकी हैं। उनके पति की मौत से परिवार और क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। स्थानीय लोगों ने हादसे पर चिंता जताते हुए सड़क सुरक्षा और हाईवे पर वाहन गति नियंत्रण की आवश्यकता पर जोर दिया। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में हादसा टाटा सफारी के तेज रफ्तार में आने के कारण हुआ है। चालक अग्रवाल से पूछताछ की जा रही है और कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने कहा कि सड़क हादसे में लापरवाही करने वालों के खिलाफ एनडीपीएस एवं आपराधिक धारा के तहत कार्रवाई की जाएगी।

हादसे के बाद इलाके में हाईवे पर एक ओर गहरी चिंता और दूसरी ओर ग्रामीणों में आक्रोश का माहौल बन गया। पुलिस और प्रशासन ने लोगों को शांत करने की कोशिश की और दुर्घटना स्थल पर सुरक्षा बलों की तैनाती की गई। इस हादसे ने हाईवे पर सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन की आवश्यकता को फिर से रेखांकित किया है। स्थानीय प्रशासन ने भी बताया कि नेशनल हाईवे 353 पर नियमित गति जांच और निगरानी बढ़ाई जाएगी ताकि भविष्य में इस तरह के हादसे कम से कम हों।

अस्पताल में मृतक जितेन्द्र चंद्राकर का पोस्टमार्टम किया गया और परिजनों को सौंपा गया। इसके साथ ही घायल अशोक साहू का इलाज चल रहा है और उनकी स्थिति गंभीर बताई जा रही है। विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा और अन्य जनप्रतिनिधियों ने परिवार को सांत्वना दी और प्रशासन से हादसे की पूरी जांच करने और दोषियों को सजा दिलाने की मांग की। उन्होंने कहा कि सड़क हादसे और लापरवाही किसी की जान ले सकती है और इसे गंभीरता से लेना जरूरी है। घटना ने स्थानीय लोगों में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ा दी है। पुलिस प्रशासन ने लोगों से अपील की कि वाहन चलाते समय हमेशा स्पीड लिमिट और ट्रैफिक नियमों का पालन करें।

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