रायपुर: दंतेवाड़ा में पदस्थ महिला डीएसपी कल्पना वर्मा पर आरोप लगाकर चर्चा में आएं होटल कारोबारी अंबेडकर उर्फ दीपक टंडन के बारे में रोज नए खुलासे हो रहे हैं. उस पर राजधानी में भर्ती परीक्षा का प्रश्नपत्र बेचने के नाम पर न केवल रुपए वसूलने का आरोप लग चुका है, बल्कि 2018 में उसके खिलाफ धारा 420 भादवि के तहत फ्रॉड का केस भी सिविल लाइंस थाने में दर्ज है.
हालांकि इस केस की वर्तमान स्थिति की जानकारी अभी सामने नहीं आई है, लेकिन अप्रैल में एफआईआर के अगले ही महीने चालान भी पेश किया गया. इसमें उसके साथ इंदौर निवासी एक और सहयोगी के खिलाफ कार्रवाई की गई थी. दो दिन पहले ही आरोपी टंडन के खिलाफ कोयला आपूर्ति के नाम पर 27 लाख रुपए वसूलकर फ्रॉड करने के केस में कोरबा कोर्ट ने गिरफ्तारी बारंट जारी किया है.
सिविल लाईस थाने में बीरगांव निवासी जितेन्द्र देवांगन द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर के मुताबिक 15 अप्रैल 18 को व्यापम द्वारा आयोजित राजस्व निरीक्षक (नगर निगम) परीक्षा के प्रश्न पत्र अंबेडकर टंडन द्वारा परीक्षा के पूर्व उपलब्ध कराने की बात कहकर उगाही की गई. आरोपी ने 13 अप्रैल को रात में पीड़ित रिपोर्टकर्ता को फोन किया कि उसके पास प्रश्न पत्र है. यदि घर का कोई सदस्य परीक्षा दे रहा हो तो बताओ. उक्त प्रश्नपत्र और उत्तर पुस्तिका उपलब्ध कराने के एवज में प्रति व्यक्ति तीन लाख रुपए लगेगा और मूल अंकसूची 10वीं-12वीं की जमा करनी पड़ेगी. जिसमें एक लाख नकद एवं दो लाख रुपए का चेक जमा करना पड़ेगा. परीक्षा में प्रार्थों का बहनोई बैठने वाला था तो उसने आरोपी टंडन से संपर्क किया. तथा आरोपी ने 14 अप्रैल को शंकरनगर में रकम और अंकसूची लेकर मिलने बुलाया. वहां रात के 10 बजे जाने पर टंडन मिला लेकिन अंकसूची नहीं थी तो एक घंटे बाद वहीं बुलाया. दोबारा एक घंटे बाद पुनः शंकरनगर चौक पर जाने पर अंबेडकर टंडन वहां नहीं था. फोन पर बार-बार संपर्क करने पर बहाना बनाते रहर. बाद में उसने प्रवेश पत्र, अंकसूची एवं नकद 50 हजार रुपए लाने पर काम हो जाएगा कहा. उससे पेपर मांगा तो उसने कहा कि पेपर नहीं आया है, बहनोई से कहना कि जितना बनता है, उतना बनाए और बाकी छोड़ दे. पीड़ित के मुताबिक उस समय उसके पास पांच हजार रुपए थे, जिसको टंडन को दिया है. उसे पता चला कि कुछ और लोगों से उसने पेपर देने और पास कराने के लिए पैसा लिये हैं. सिविल लाइंस पुलिस ने 17 अप्रैल 2018 को उक्त एफआईआर दर्ज की.
कोरबा व रायपुर में फ्रॉड के दो केस के आरोपी दीपक टंडन के खिलाफ सक्ती निवासी एक कोयला कारोबारी किशन शर्मा पिता सूरजभान शर्मा भी पुलिस के पास पहुंचे हैं. कारोबारी ने मार्च 2022 में कोयला कारोबार में काम दिलाने का झांसा देकर 15 लाख कैश लेने और रकम नहीं लौटाने का आरोप लगाया है. कारोबारी ने लिखित शिकायत करने के बाद मीडिया को अपना बयान भी जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि दीपक टंडन ने शासन-प्रशासन में अपनी पकड़ होने का हवाला देते हुए बड़ा टेंडर दिलाने की बात कही थी. रकम लेकर बतौर गारंटी एचडीएफसी बैंक दो चेक दिए थे. जबकि जिस वक्त चेक दिया गया, आरोपी का बैंक खाता बंद हो चुका था.
करीब एक हफ्ते से सोशल मीडिया पर महिला डीएसपी के परिवार व आरोपी के कारोबारी लेनदेन को लेकर शुरू हुआ विवाद छागा हुआ है. होटलों में बड़ी रकमों का निवेश, महिला अफसर द्वारा 2 Cr Cash और लाखों की ज्वेलरी गिफ्ट लेने, कार नहीं लौटाने समेत कई और आरोप चर्चा में हैं. आरोप और सोशल मीडिया की तस्वीरों की वायरल करने के मामले में डीएसपी ने विधिक कार्रवाई शुरू करने की बात कही है. हालांकि अभी तक ऐसी कोई कार्यवाही शुरू होने की सूचना सार्वजनिक नहीं हुई है.
वहीं सोशल मीडिया में लोग इस प्रकरण में तरह-तरह की प्रतिक्रिया भी दे रहे हैं. जिनमें से ज्यादातर प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच की मांग उठा रहे हैं. हैं. आम आम लोगों द्वारा शासन-प्रशासन द्वारा संरक्षण मिले होने का आरोप भी लगाया जा रहा है. दूसरी तरफ कानूनी कार्रवाई नहीं किए जाने से पुलिस प्रशासन की भी किरकिरी हो रही है. अब यह भी सवाल उठाए जा रहे हैं कि अवैध उगाही, फ्रॉड केस में आरोपी बन चुके व्यक्ति के पास करोड़ों रुपए नकद कहां से आए? हालांकि सोशल मीडिया में दीपक टंडन और उसकी पत्नी बरखा टंडन के बैंक खातों की जांच की मांग करते हुए आर्थिक ठगी की रकम की आशंका जताई जा रही है. महिला डीएसपी ने मीडिया को अपना लिखित पक्ष देते हुए परिवार के साथ कारोबारी लेनदेन का विवाद होने की बात कही है. आरोपी दीपक टंडन द्वारा जारी कथित चैट को फर्जी बताया है.






