रायपुर: रायपुर पुलिस ने 440 नशीली टेबलेट के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी का नाम अविनाश सिंह (27 वर्ष) निवासी जागृति नगर, उरकुरा थाना खमतराई, रायपुर है। पुलिस ने उसके मोबाइल सा. यामाहा आर वन 05 से टेबलेट बरामद की, जिसे वह धारदार चाकू के साथ छिपाकर रख रहा था। यह कार्रवाई “ऑपरेशन निश्चय” अभियान के तहत की गई, जो मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध बिक्री रोकने के लिए रायपुर रेंज पुलिस द्वारा चलाया जा रहा है। इस अभियान का निर्देशन पुलिस
महानिरीक्षक रायपुर रेंज अमरेश मिश्रा और पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने किया है। अभियान के अंतर्गत पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी रोकने, अवैध बिक्री करने वाले लोगों की पतासाजी करने और सूचना संकलन करने पर जोर दिया है।
दिनांक 23.11.2025 को थाना खमतराई को सूचना मिली कि उरकुरा रेलवे स्टेशन के पास एक व्यक्ति अपने मो. सा. में भारी मात्रा में नशीली टेबलेट लेकर ग्राहकों की तलाश कर रहा है। सूचना के आधार पर थाना खमतराई पुलिस की टीम मौके पर गई और मुखबीर द्वारा बताए गए व्यक्ति को चिन्हांकित कर गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने अपनी पहचान अविनाश सिंह, पिता महेंद्र सिंह, उम्र 27 वर्ष, जागृति नगर, उरकुरा बताई। आरोपी के मोबाइल सा. यामाहा आर वन 05 की तलाशी ली गई, जिसमें धारदार चाकू के साथ 440 नशीली टेबलेट बरामद हुई। जप्त टेबलेट की कीमत लगभग 3,212 रुपए आंकी गई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस एक्ट (NDPS Act) के तहत अपराध दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। गिरफ्तार आरोपी को न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्यवाही के लिए थाने में रखा गया है।
ऑपरेशन निश्चय के तहत रायपुर पुलिस ने यह सुनिश्चित किया है कि मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध बिक्री पर रोक के लिए लगातार निगरानी की जाए। अभियान के दौरान मुखबीर, सूचना और अन्य तकनीकी माध्यमों का उपयोग कर अवैध गतिविधियों की पहचान कर प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इस कार्रवाई के माध्यम से पुलिस ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि रायपुर में नशे के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति लागू है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की मादक पदार्थ तस्करी की जानकारी तुरंत पुलिस को दें और समाज में नशे के खिलाफ सहयोग करें। रायपुर पुलिस के इस अभियान से न केवल अवैध मादक पदार्थों की आपूर्ति रोकने में मदद मिली है, बल्कि युवाओं को नशे से दूर रखने और कानून व्यवस्था बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण योगदान मिला है।






