जांजगीर-चाम्पा: छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चाम्पा जिले में देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले शिक्षक को पुलिस Police ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी शिक्षक ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो अपलोड किया था, जिसमें उन्होंने हिन्दू देवी-देवताओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की, जिससे हिन्दू धर्म के अनुयायियों की सांप्रदायिक भावनाएं आहत हुईं।
मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना पामगढ़ Pamgarh इलाके में स्थित स्वामी आत्मानंद स्कूल में हुई। यहां पदस्थ व्याख्याता ने अपनी व्यक्तिगत गतिविधि के तहत सोशल मीडिया पर वीडियो अपलोड किया। वीडियो वायरल होते ही इलाके के हिन्दू समाज में हड़कंप मच गया और लोगों ने तुरंत पामगढ़ पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस Police ने शिकायत के आधार पर तत्काल कार्रवाई करते हुए शिक्षक को हिरासत में ले लिया। जांजगीर-चाम्पा पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। आरोपी से पूछताछ जारी है और आगे की जांच में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल वीडियो के स्रोत और अन्य संबंधित तथ्यों की पुष्टि की जा रही है।
इस घटना ने स्थानीय समाज में गंभीर चिंता और नाराजगी पैदा कर दी है। लोगों ने प्रशासन और पुलिस Police से आग्रह किया है कि ऐसे मामलों में सख्त और समय पर कार्रवाई की जाए ताकि सांप्रदायिक सौहार्द और शांति बनाए रखी जा सके। पुलिस ने यह भी चेतावनी दी है कि किसी भी व्यक्ति द्वारा धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाले कृत्य को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। स्कूल प्रशासन ने भी मामले में जांच शुरू कर दी है।
विद्यालय के प्राचार्य ने बताया कि शिक्षक के खिलाफ आंतरिक अनुशासनात्मक कार्रवाई की संभावना भी है। प्राचार्य ने यह स्पष्ट किया कि विद्यालय में शिक्षकों द्वारा किसी भी धर्म Religion विशेष के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी को गंभीरता से लिया जाएगा और आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। सोशल मीडिया पर धर्म या देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी न केवल स्थानीय समाज में तनाव उत्पन्न करती है, बल्कि इससे सामाजिक सौहार्द और शांति भी प्रभावित हो सकती है। इसलिए ऐसे मामलों में जागरूकता और सख्त कानूनी कार्रवाई की आवश्यकता है।
पुलिस Police और प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली किसी भी सामग्री को साझा न करें और इस तरह की जानकारी मिलने पर संबंधित अधिकारियों को तुरंत सूचित करें। इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि छत्तीसगढ़ में धार्मिक संवेदनशीलता को लेकर प्रशासन सतर्क है और कानून का पालन कराने में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी।






