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बिलासपुर की सड़कें बदहाल: गड्ढों और उड़ती धूल से लोग परेशान, जिम्मेदार विभाग बेखबर….

बिलासपुर: शहर में इस वर्ष की वर्षा से सड़कों का हाल-बेहाल कर दिया। शहर के लगभग सभी प्रमुख सड़कों में छोटे-बड़े गड्ढे हो चुके हैं। साथ ही धूल भी उड़ने लगी है। वर्षा के दौरान सड़कों में गड्ढा होने का सिलसिला शुरू हुआ था। इस पर न तो नगर निगम ने ध्यान दिया और न ही पीडब्ल्यूडी ने इस ओर ध्यान दिया। ऐसे में धीरे-धीरे गड्ढे बढ़ते गए और सड़कें खस्ताहाल हो गई हैं।

इस दौरान संबंधित विभाग का कहना था कि वर्षा ऋतु जाने के बाद सड़कों को बना दिया जाएगा। लेकिन उनके दावे खोखले साबित हो गए हैं। वहीं अब वर्षा के मौसम को गए पांच माह हो चुके हैं, लेकिन सड़के नहीं बनाई गई है। इसका खामियाजा शहरवासियों को भुगतना पड़ रहा है। सड़क के गड्ढे और धूल शहरवासियों के लिए परेशानियों का सबब बन चुका है।

सालभर पहले बनी थी सड़कें

सालभर पहले ही शहर की सड़कों को बनाया गया था, लेकिन निगरानी के अभाव में सड़के दोयम दर्जे की बनी। ऐसे में कुछ ही महीनों में शहर के सभी प्रमुख सड़के अपनी पकड़ छोड़ने लगी। इसके बाद वर्षा ऋतु का समय आया और लगातार बारिश से सड़क की परते धीरे-धीरे उखड़ने लगी और छोटे-छोटे गड्ढे नजर आने लगा।

इस समय मरम्मत करानी थी, लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया गया और लगातार वर्षा से छोटे गड्ढे बड़े हो गए और साथ ही सड़क में धूल उड़ने लगी। शहरवासियों को लगा कि अब इसकी सुध ली जाएगी और सड़क का मरम्मत कराई जाएगी। लेकिन जानकारी दी गई कि वर्षा ऋतु जाने के बाद ही सड़क का निर्माण कराया जाएगा और शहरवासियों को जर्जर सड़क से राहत दे दी जाएगी।

लेकिन अब तक सड़कों को नहीं बनाया गया है। महज मरम्मत की गई थी, वह भी दोयम दर्जे का रहा है। इससे सड़क की हालत और भी खराब हो चली है।

इन रास्तों से गुजरें संभलकर

27 खोली चौक से लेकर मंदिर चौक जाने वाली सड़क भी जगह-जगह से जर्जर हो चुकी है। यहां से रोजाना हजारों लोग गुजरते हैं। खराब सड़क लोगों की परेशानी का सबब बनी हुई है।

मिनोचा कालोनी से राजेन्द्र नगर चौक तक जिसमें स्मार्ट सड़क भी शामिल है, जगह-जगह बने गड्ढे घटिया निर्माण की कहानी बयां कर रही हैं। अधिकांश सड़कें दो से तीन साल पहले ही बनकर तैयार हुई हैं।

राम सेतु से प्रताप चौक होते हुए सिम्स चौक तक जगह-जगह सड़क जर्जर हो चुकी है।

अशोक नगर से शनिचरी बाजार तक निकलने वाली सड़क पूरी तरह से जर्जर हो चुकी है। जगह-जगह गड्ढे ही गड्ढे दिखाई देते हैं। इस खराब सड़क पर लोगों को जान हथेली पर रखकर चलना पड़ रहा है।

अग्रसेन चौक, पुराना बस स्टैंड, गांधी चौक, दयालबंद, राजकिशोर नगर, शनिचरी बाजार, गोंड़पारा मार्ग, देवकीनंदन चौक, यहां तक की हाल में बनी स्मार्ट सड़कों पर गड्ढों की संख्या लगातार बढ़ती ही जा रही है।

सिटी कोतवाली चौक से गांधी चौक तक की सड़क।

ये हैं पीडब्ल्यूडी की जर्जर सड़कें

जेल पहुंच मार्ग, पत्रकार कालोनी पहुंच मार्ग, चांटीडीह चिंगराजपारा मार्ग, मोपका तोरवा मार्ग, नूतन कालोनी पहुंच मार्ग, वेयर हाउस पहुंच मार्ग, देवकीनंदन चौक से महामाया चौक मार्ग, तारबाहर से नगपुरा मार्ग, इंदिरा पहुंच मार्ग (नेहरू चौक से महामाया चौक), इंदिरा सेतु पहुंच मार्ग, अशोक नगर से आशाबंद मार्ग, शनिचरी रपटा से साइंस कालेज पहुंच मार्ग, चांटीडीह नगोई बैमा पौंसरा मार्ग, डीपी वर्मा पहुंच मार्ग, देहनकर पहुंच मार्ग, दयालबंद से लिंगियाडीह होते हुए बसंत विहार मार्ग, बिलासपुर सीपत मार्ग, बिलासपुर पासीद मार्ग, महामाया मार्ग से कोनी मार्ग, श्रद्घानंद पहुंच मार्ग, टेलीफोन एक्सचेंज पहुंच मार्ग, संजय तरण पुष्कर से मंदिर चौक इंदु चौक अग्रसेन चौक, लिंक रोड पहुंच मार्ग, कुदुदंड मंगला मार्ग, गांधी चौक से तारबाहर चौक तक, गुरुनानक चौक से पावर हाउस चौक, एनएच 130 नेहरू चौक से उस्लापुर पुल, एनएच 130 तिफरा ओवर ब्रिज से नेहरू चौक, पेंड्रीडीह से नेहरू चौक मार्ग, नेहरू चौक से दर्रीघाट मार्ग।

जूना बिलासपुर की सड़क की हालत सबसे ज्यादा खराब

सिटी कोतवाली चौक से जूना बिलासपुर तक की सड़क की हालत सबसे ज्यादा खराब है। जहां बड़े गड्ढे लगातार वाहन दुर्घटना का कारण बन रहे हैं। वहीं उड़ती धूल ने लोगों को परेशान कर रखा है। आलम यह है कि दुकानदारों को मास्क पहनकर बैठना पड़ रहा है। यहां के रहवासियों में श्वास संबंधी समस्या देखने को मिल रही है।

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