रायपुर: रायपुर में पुलिस कमिश्नरी व्यवस्था लागू होने से पहले गृह विभाग में मंथन तेज हो गया है। रायपुर के पहले पुलिस कमिश्नर के लिए बिलासपुर के आइजी संजीव शुक्ला के साथ दो और नाम सबसे प्रबल दावेदार के रूप में उभरकर सामने आए हैं। इनमें वरिष्ठ आइपीएस बद्री नारायण मीणा और दीपक कुमार झा शामिल हैं। बद्री नारायण मीणा पूर्व में रायपुर एसएसपी रह चुके हैं और प्रशासनिक अनुभव के साथ सख्त कानून-व्यवस्था नियंत्रण के लिए जाने जाते हैं। वहीं दीपक कुमार झा भी फील्ड पोस्टिंग और अनुशासनात्मक कार्यशैली के लिए पहचाने जाते हैं। इससे पहले आइपीएस अजय यादव, सुंदरराज पी, अमरेश मिश्रा समेत अन्य नाम भी कमिश्नर की दौड़ में शामिल रहे हैं।
एडिशनल पुलिस कमिश्नर के पद के लिए रायपुर एसएसपी डा. लाल उम्मेद सिंह शासन की पहली पसंद माने जा रहे हैं। उन्हें पदोन्नत कर इस जिम्मेदारी पर बैठाया जा सकता है। माना जा रहा है कि कमिश्नरेट को सुचारु रूप से चलाने के लिए अनुभवी और मजबूत टीम बनाई जा रही है, जिसमें डा. सिंह की भूमिका अहम होगी।
रायपुर में पुलिस कमिश्नरी की घोषणा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने करीब छह महीने पहले की थी। इसके लिए आइपीएस प्रदीप गुप्ता की अध्यक्षता में गठित टीम ने ओडिशा, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश सहित छह राज्यों की व्यवस्था का अध्ययन किया था। तैयार ड्राफ्ट को कैबिनेट से मंजूरी मिल चुकी है और 23 जनवरी से रायपुर में नई व्यवस्था लागू होगी। इसी दिन कमिश्नर कार्यालय के उद्घाटन की भी संभावना है।
पुलिस कमिश्नर व्यवस्था लागू होने से पहले आइपीएस अफसरों के तबादलों को लेकर भी पीएचक्यू में हलचल तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार कवर्धा में पदस्थ एसपी धर्मेंद्र सिंह चवाई को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के गृह जिले जशपुर भेजे जाने की संभावना है। वहीं तमनार हिंसा के बाद सख्त कार्रवाई के लिए पहचाने जाने वाले शशि मोहन सिंह को रायगढ़ का नया एसएसपी बनाया जा सकता है। वहीं दुर्ग से कोरबा में विजय अग्रवाल, दुर्ग में डा. संतोष सिंह, मुंगेली में हरीश राठौर, बेमेतरा में भावना पांडेय, रामकृष्ण साहू को सूरजपुर, भोजराम पटेल को सारंगढ़-बिलागढ़ में तैनाती के संकेत हैं। प्रशांत ठाकुर और सिद्धार्थ तिवारी को पुलिस मुख्यालय में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं।






