बिलासपुर: केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री और बिलासपुर लोकसभा सांसद तोखन साहू रविवार को सड़क पर हुए एक अप्रत्याशित हादसे में बाल-बाल बच गए। मंत्री बिलासपुर से रायपुर एयरपोर्ट जा रहे थे, तभी चंदेली (दामाखेड़ा) के पास उनकी कार में एक लोहे की रॉड टकरा गई। जानकारी के अनुसार, घटना के समय वाहन में केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू के साथ उनके निजी स्टाफ और सुरक्षा अधिकारी भी मौजूद थे। लोहे की रॉड वाहन के सनरूफ और मिरर क्षेत्र से टकराते हुए कार के शीशे को क्षतिग्रस्त कर गई। अधिकारियों के अनुसार, यदि वाहन में यह संरचना न होती, तो रॉड सीधे चालक या यात्रियों की ओर जा सकती थी।
इस अप्रत्याशित हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, और सभी लोग सुरक्षित हैं। घटना के तुरंत बाद एस्कॉर्ट ड्यूटी में तैनात पुलिस बल ने लोहे की रॉड को जब्त कर लिया। प्रशासन ने कहा कि यह घटना आकस्मिक प्रतीत होती है, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था और अन्य पहलुओं की जांच की जाएगी। मंत्री तोखन साहू ने भी पुष्टि की कि वाहन में सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा कि यह घटना एक बड़ा हादसा होने से बच गई और सुरक्षा टीम के तत्पर रवैये से कोई गंभीर नुकसान नहीं हुआ। उन्होंने आम जनता से अपील की कि सड़क पर सतर्क रहें और किसी भी आपात स्थिति की सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया गया है, जिसमें कार में टकराई हुई रॉड और क्षतिग्रस्त शीशा स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।
वीडियो में वाहन में बैठे लोगों की सुरक्षित स्थिति और लोहे की रॉड के प्रभाव को भी देखा जा सकता है। प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने बताया कि वाहन के आसपास के मार्ग का निरीक्षण किया जा रहा है और यह देखा जा रहा है कि सड़क किनारे रखी गई किसी संरचना या उपकरण के कारण यह हादसा हुआ या यह किसी अन्य कारण से टकराई। साथ ही सुरक्षा मानकों और वाहन सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा भी की जाएगी। इस अप्रत्याशित घटना के बाद मंत्री और उनके स्टाफ ने सड़क सुरक्षा और सुरक्षा उपायों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता को दोहराया। अधिकारियों ने भी सड़क मार्गों और संभावित खतरनाक संरचनाओं की निगरानी बढ़ाने की बात कही। मंत्री तोखन साहू का यह अनुभव क्षेत्रवासियों और प्रशासन के लिए चेतावनी का संदेश है कि सड़क सुरक्षा और वाहन संरक्षा में सतर्कता अनिवार्य है। सुरक्षा उपायों के कारण ही मंत्री और उनके दल के लोग सुरक्षित रहे और कोई जान-माल का नुकसान नहीं हुआ।






